Thursday, 26 February 2015

इक सांवरी की तिरछी निगाहें

नील वसन में लिपटी हुई मद भरी चंचल अदायें
वृन्दावन की रासलीला इक सांवरी की तिरछी निगाहें

© नीतीश कर्ण
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