Thursday, 21 December 2017

तोहर परफ्यूमक सुगंध

तोहर परफ्यूमक सुगंध
हमर टिसट और गेरुआ सं'
गमकेने अछि सगर मन के

ओना त सोझा अछि इहो
कनिक देरक लेल ठीक तोरे जांका
फेर घुलि जायत गेरुआ के अंतर्मन में
जेना की तू हमर आत्मा में
© नीतीश कर्ण

एतबे मनोरथ तोरा संगे

एतबे मनोरथ तोरा संगे
तोरा संग सब दिया-बाती
तोरे स' आशा परिभाषा
तोरे संग सब सांझी पराती

तू आशीर्वाद बैजू बाबा के
तू त्रिवेणीक घाट हमर
तुंही धर्म और तुंही ध्येय
तू छे जिनगीक बाट हमर

तुंही हमर सकल साधना
तोरा बिनु जिनगी वीरान
तूंही सबटा करम पूण्य
तुंही हमर गंगा स्नान

© नीतीश कर्ण

Friday, 21 April 2017

और तुम

इक चुटकी चाँद
इक कतरा बारिश
थोड़ी सी चांदनी
और तुम


इक मुठ्ठी आंगन
थोड़ा सा बचपन
माँ का आँचल
और तुम

©नीतीश कर्ण