Thursday, 21 July 2016

नहुएं नहुएं

नहुएं नहुएं फेर तेजी
गालक ढलान सं'
टघरैत नोर
भिजबैत गेरुआ के पोरे-पोर

दलानक डिबिया सन
झिलमिलाईत जिनगी
गुंजैत सिसकी
गुज्ज अन्हार में चहुँओर

© नीतीश कर्ण
(लेखक नीतीश कर्ण के अधीन सर्वाधिकार सुरक्षित)