घूम' चाहैत छी
कश्मीर सँ कन्याकुमारी धैर तोरा संग ।
देख' चाहैत छी
ट्रेनक खिड़किक सोझा
बसात सँ झुलैत तोहर झुमका
सरियाब' चाहैत छी
उरियाइत तोहर केश
आ समेट लेब' चाहैत छि
अपन तरहत्थी पर
एक शहरक बरखा
दोसर शहरक रउदी लेल ।
खुआब' चाहैत छी तोरा
माए हाथक दैलपुरी
महसूस कर' चाहैत छि
सहटैत पायलक सर्द
आ घुलि जाए चाहैत छि
तोहर लहठिक पसरल गमक मे ।
जिब' चाहैत छि सब लोकरंग
सब विविधता
"स्माइल प्लीज" संग
क्लिक कर' चाहैत छि तोहर फोटो
केसरक बगान मे
आ छिट देब चाहैत छि तोरा पर
थोरेक सिनुरिया रंग
ललौन सुरुज सँ माँगि
कन्याकुमारिक घाट पर ।
© नीतीश मैथिल
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